बस्तर में किसानों का अनोखा प्रदर्शन: रस्सी से ट्रैक्टर खींचते हुए पहुंचे एसडीएम कार्यालय

बस्तर। खरीफ सीजन के बीच डीजल और खाद की समस्या से जूझ रहे किसानों ने बस्तर जिले में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। इंद्रावती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों को मोटी रस्सियों से बांधकर पैदल खींचते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि पेट्रोल पंपों पर डिब्बों (कैन) में डीजल नहीं दिया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है।

मंगलवार को आड़ावाल और भरनी क्षेत्र के किसान खाली डिब्बे हाथों में लेकर और आधा दर्जन ट्रैक्टरों को रस्सी से खींचते हुए करीब पांच किलोमीटर की दूरी तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचे। इस अनोखे प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से गुजरने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित किया। किसानों ने कहा कि जुताई और बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में कई बार खेतों में ही ट्रैक्टर का डीजल खत्म हो जाता है। ऐसे में ट्रैक्टर को पेट्रोल पंप तक ले जाना संभव नहीं होता, लेकिन पंप संचालक डिब्बों में डीजल देने से इनकार कर रहे हैं।

किसानों ने खाद की किल्लत को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं है और प्रशासन की टोकन व्यवस्था किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पहले भी टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था और अब खाद वितरण में भी ऐसी ही स्थिति बनने की आशंका है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि डिब्बों में डीजल देने की व्यवस्था बहाल नहीं की गई और खाद संकट का समाधान नहीं किया गया, तो वे जिला मुख्यालय का घेराव कर बड़ा आंदोलन करेंगे। किसानों का कहना है कि खेती का मौसम शुरू हो चुका है और समय पर डीजल व खाद नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। फिलहाल प्रशासन ने किसानों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

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