रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 फरवरी को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार वे शनिवार रात रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन नक्सलवाद की स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद वे बस्तर जाएंगे, जहां पंडुम महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे।
अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की डेडलाइन तय की है। यह शाह का दो महीने में दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर 2025 तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में मौजूद रहे थे।
रायपुर में होने वाली समीक्षा बैठक को अंतिम सुरक्षा समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा स्थिति, ऑपरेशन की प्रगति और इंटेलिजेंस इनपुट्स पर चर्चा होगी। खासतौर पर बस्तर संभाग में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों की समीक्षा बैठक का प्रमुख एजेंडा रहेगा।
बताया जा रहा है कि अमित शाह बस्तर का भी दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वे जमीनी स्तर पर तैनात सुरक्षाबलों और अधिकारियों से सीधे फीडबैक लेंगे। पिछले कुछ महीनों में बस्तर और आसपास के इलाकों में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है और कई बड़े ऑपरेशन सफल हुए हैं।
छत्तीसगढ़ आने से पहले अमित शाह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा समीक्षा बैठक करेंगे। रायपुर में प्रस्तावित बैठक में केंद्रीय अर्धसैनिक बल, राज्य पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे।
कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा सिर्फ एक नियमित समीक्षा नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय समयसीमा से पहले अंतिम रणनीतिक बैठक के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले महीनों में जमीनी हालात पर साफ दिखेगा।
