रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
विज्ञान एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के फाउंडेशन डे के अवसर पर नवाचार और उद्योग पारितंत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ कई अहम समझौते किए गए।
इन्हीं में से एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में ग्रामीण महिलाओं के लिए स्किल सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
यह स्किल सैटेलाइट सेंटर डीएसआईआर के टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एंड यूटिलाइजेशन प्रोग्राम फॉर वुमेन (TDUPW) के तहत स्थापित किया जाएगा।
केंद्र का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को प्रौद्योगिकी आधारित कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण और स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।
यहां महिलाओं को आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण, बाजार से जुड़ने के अवसर और स्वयं का उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
प्रस्तावित केंद्र में फूड प्रोसेसिंग, वन-आधारित उत्पाद, वस्त्र एवं हस्तशिल्प, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के निर्माण और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इससे महिलाएं स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ आय के नए स्रोत विकसित कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी और कौशल विकास छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के दो मजबूत स्तंभ हैं।
उन्होंने कहा कि यह प्रयास “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के अनुरूप है, जहां महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में संचालित महिला स्व-सहायता समूह, लक्षपति दीदी योजना, वन धन विकास केंद्र और राज्य आजीविका मिशन जैसे कार्यक्रमों को इस स्किल सैटेलाइट सेंटर से जोड़ा जाएगा।
इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को उद्यम स्थापना, ऋण सुविधा और विपणन सहयोग के त्वरित अवसर मिलेंगे।
धमतरी में स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना से न केवल महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि कौशल विकास, स्टार्टअप संवर्धन और जमीनी नवाचार को भी नई गति मिलेगी।
