एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप लियो XIV के बीच बयानबाजी का विवाद तेज हो गया है। ईरान युद्ध को लेकर पोप के तंज के बाद ट्रंप ने खुलकर हमला बोलते हुए उन्हें “कमजोर” और “टेरिबल” करार दिया।
दरअसल, वेटिकन स्थित सेंट पीटर बेसिलिका में प्रार्थना सभा के दौरान पोप लियो XIV ने बिना नाम लिए कहा था कि “सर्वशक्तिमान होने के भ्रम” के कारण अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने वैश्विक नेताओं से शांति और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की थी। इसे ट्रंप पर सीधा निशाना माना गया।
इस बयान के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पोप अपराध और विदेश नीति के मामलों में बेहद कमजोर हैं और कट्टर वामपंथियों को खुश करने में लगे हैं। ट्रंप ने आरोप लगाया कि पोप चर्च के वास्तविक मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं और राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं।
ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने पोप के भाई लुईस की तारीफ करते हुए कहा कि वे उनसे बेहतर समझ रखते हैं और MAGA समर्थक हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें ऐसा पोप नहीं चाहिए जो ईरान के परमाणु हथियारों को जायज ठहराए या अमेरिका की नीतियों की आलोचना करे।
अपने बयान में ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अगर वे व्हाइट हाउस में न होते, तो लियो वेटिकन तक नहीं पहुंच पाते। इस तीखी बयानबाजी के बाद दोनों के बीच यह विवाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति और धार्मिक जगत में चर्चा का विषय बन गया है।
