दिल्ली। ऑल इंडिया त्रिणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शांतनु सेन ने अपने इस्तीफे की वजह 4 मई को आए चुनावी नतीजों और जनता की भावनाओं को बताया है।
गुरुवार को इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए शांतनु सेन ने कहा कि वह पार्टी की स्थापना के शुरुआती दौर से ही टीएमसी के साथ जुड़े रहे हैं। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें जो भी जिम्मेदारियां सौंपीं, उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ निभाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कई बार उन्हें ऐसी परिस्थितियों में भी पार्टी का बचाव करना पड़ा, जब आम जनता उस फैसले के पक्ष में नहीं थी।
शांतनु सेन के बयान को पार्टी के भीतर बढ़ती असहजता और आंतरिक मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान से यह संकेत मिला कि कुछ फैसलों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच असंतोष था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद टीएमसी के भीतर आत्ममंथन का दौर चल रहा है और इसी बीच शांतनु सेन का इस्तीफा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीएमसी की ओर से फिलहाल इस इस्तीफे पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
वहीं विपक्षी दलों ने इसे पार्टी के भीतर असंतोष का संकेत बताया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे को किस तरह संभालता है और शांतनु सेन आगे क्या राजनीतिक रुख अपनाते हैं।
