रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा के बजट सत्र में पारित हुए तीन महत्वपूर्ण विधेयकों—धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल और छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026—को प्रदेश की जनता के लिए ‘वरदान’ करार दिया है।
शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने सीएम साय से मुलाकात कर इन ऐतिहासिक निर्णयों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
अवैध धर्मांतरण पर लगेगा अंकुश
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ हमारी महान सनातन परंपराओं और मूल्यों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले का कानून उतना प्रभावी नहीं था, जिससे अवैध धर्मांतरण कराने वाले लोग बच निकलते थे और सामाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा था।
“यह विधेयक स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ ‘घर वापसी’ अभियान छेड़कर छत्तीसगढ़ की अस्मिता की रक्षा की थी।”
युवाओं के भविष्य और पारदर्शिता की गारंटी
भर्ती प्रक्रियाओं में शुचिता लाने के लिए सरकार ने दो अहम कदम उठाए हैं:
- छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल: इसका गठन सरल और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए किया गया है, जो लाखों बेरोजगार युवाओं की पुरानी मांग थी।
- अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक: परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं, ताकि मेहनती युवाओं का हक न छीना जा सके।
जनभावनाओं का सम्मान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विधेयक केवल कानून नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी और रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
