रविकांत तिवारी@देवभोग… देवभोग ब्लॉक का दीवानमुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों बीमार पड़ गया है… लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या करवाने वाला यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिम्मेदारों के उदासीन रवेये के चलते अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है.. एक समय अपने कार्यों के चलते दीवानमुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने राज्य स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी… आज कर्मचारियों की कमी के चलते यह केंद्र नाम भर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनकर रह गया है… स्थिति यह हो गई है कि प्रसव के लिए पहुंचने वाली महिलाएं भी अब ओड़िसा जाकर प्रसव करवाने को मजबूर हो गई है..
तीन महीने से कर्मचारियों की कमी के चलते दीवानमुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो गई है.. कई बार जिम्मेदार अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों को मामले से अवगत करवाने के बाद भी ज़ब व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुआ.. तो अब ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ने लगा है… नाराज ग्रामीणों ने जिले के कलक्टर के नाम आवेदन तैयार कर लिया है… गॉव के बाबूलाल बघेल,महेश यादव और ईश्वर पुजारी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 16 कर्मचारियों का पद स्वीकृत है.. जिसमें मात्र एक ही कर्मचारी कार्यरत है… बाकी 15 पद रिक्त है.. ग्रामीणों ने आवेदन में जिक्र किया है कि महिलाओं को प्रसव और अन्य समस्याओं की जाँच के लिए बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है…
बंद कर दीजिये केंद्र-: गॉव के बाबूलाल,मोहनलाल ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के चलते इस केंद्र का संचालन भगवान भरोसे हो रहा है… इलाज नहीं होने से ग्रामीणों की नाराजगी दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है.. वहीं महिलाएं भी प्रसव या अन्य जाँच के लिए ओड़िसा जाने को मजबूर हो गई है… बाबूलाल ने बताया कि कलक्टर साहब को दिए जाने वाले ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग किया गया है कि यदि कर्मचारी केंद्र में नहीं भेजा जायेगा..तो केंद्र को बंद कर दिया जाये..
देवभोग में अटैच कर ले रहे काम-: ग्रामीणों ने बताया कि दीवानमुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ अधिकारी सौतेला व्यवहार कर रहे है.. बाबूलाल ने बताया कि दीवानमुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्माशिष्ट और एक अन्य कर्मचारी को देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सलग्न कर उनसे काम लिया जा रहा है.. बाबूलाल ने कहा कि कर्मचारियों की कमी के बाद भी दीवानमुड़ा के कर्मचारी को देवभोग में संलग्न करके काम लेना भी जिम्मेदारों के ऊपर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है…
15 दिन में कर्मचारी नहीं आये तो होगा बड़ा आंदोलन-: ग्रामीण बाबूलाल,महेश यादव और ईश्वर पुजारी ने बताया कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल कलक्टर से मुलाक़ात कर उन्हें वस्तुस्थिति की जानकारी देगा.. उन्हें बताया जायेगा कि दीवानमुड़ा के साथ ही आसपास के 5 से 6 गॉव के लोग इलाज के लिए इसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है.. लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते ग्रामीणों का इलाज नहीं हो पा रहा है.. ग्रामीणों के मुताबिक यदि 15 दिनों के अंदर स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी नहीं पहुँचे… तो 5 से 6 गॉव के ग्रामीण तेल नदी के पुल में बैठकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे…
मामले में देवभोग बीएमओ डॉक्टर सुनील कुमार रेड्डी ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च कार्यालय को दे दी गई है…