दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भगवा कपड़े पहनकर साधु के भेष में घर-घर भीख मांग रहे एक युवक के मुस्लिम होने का मामला सामने आया है। युवक के हाव-भाव और बातचीत पर स्थानीय लोगों को शक हुआ, जिसके बाद उससे धार्मिक सवाल पूछे गए। सवालों का जवाब नहीं दे पाने पर युवक घबरा गया और रोने लगा। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, दो युवक साधु का वेश धारण कर तंबूरा बजाते हुए “राम-राम” और “जय श्रीराम” का उद्घोष कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनसे भगवान राम से जुड़े सवाल पूछे। पहला सवाल किया गया कि भगवान राम के पिता का नाम क्या था, लेकिन युवक इसका जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पूछा गया कि लंका किसने जलाई थी, इस सवाल पर भी वह चुप हो गया और घबराकर रोने लगा।
बजरंग दल से जुड़ी ज्योति शर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान युवक लगातार रो रहा था और छोड़ देने की गुहार लगा रहा था। उसने भीख में मिले पैसे भी कार्यकर्ताओं को वापस देने शुरू कर दिए। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के अनुसार, पूछताछ में युवक ने अपना नाम हवलदार और पिता का नाम मुस्तफा बताया तथा खुद को मुस्लिम बताया। वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने मौर्या टॉकीज के पास से एक और व्यक्ति को हिरासत में लिया है। युवक ने थाना परिसर में आधार कार्ड भी दिखाया।
हिंदू संगठनों का दावा है कि यह कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि पांच लोगों का समूह है, जो साधु के भेष में भीख मांग रहा था। सभी उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के निवासी बताए जा रहे हैं।
सीएसपी छावनी प्रशांत कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की है। संदेह के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
