रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार द्वारा जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में खुशहाली का नया संचार हो रहा है। किसानों की उत्साहपूर्ण होली के बाद, अब प्रदेश के 4.95 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए यह नवरात्रि समृद्धि की नई सौगात लेकर आई है।
बलौदाबाजार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ के तहत ₹495 करोड़ 96 लाख 50 हजार की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की। इस योजना के माध्यम से भूमिहीन मजदूरों को प्रति वर्ष ₹10,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जो उनके परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य और लघु व्यवसायों के लिए एक मजबूत संबल सिद्ध हो रही है।
मोदी की गारंटी: वादों से विश्वास तक
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी’ को पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतार रही है।
- किसानों को लाभ: ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और अंतर राशि के भुगतान ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारी है।
- महिला सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन योजना’ के जरिए महिलाओं को मिल रही निरंतर सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
- आवास का सपना: पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर गरीबों को स्थायी छत प्रदान की गई है।
समावेशी विकास और सुरक्षा
सरकार न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण पर भी ध्यान दे रही है। रामलला दर्शन योजना, सिंचाई सुविधाओं के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान और बिजली बिल समाधान योजना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इसके साथ ही, बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण पाकर विकास की नई धारा प्रवाहित की जा रही है।
राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की। स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ अब विकास के उन सोपानों पर चढ़ रहा है जहाँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ सीधे पहुँच रहा है।
