रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वाहन चोरी पर लगाम कसने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया है। बाइक चोरी की घटनाओं में लगातार कमी आने का दावा करते हुए पुलिस ने ‘सशक्त ऐप’ की शुरुआत की है, जिसके जरिए चोरी की गाड़ियों की पहचान और निगरानी आसान हो जाएगी। इस ऐप का उपयोग अब गैरेज संचालक भी कर सकेंगे, जिससे चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
पुलिस ने इस संबंध में स्थानीय गैरेज संचालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें ऐप की पूरी जानकारी दी। सभी गैरेज संचालकों के मोबाइल में सशक्त ऐप इंस्टॉल कराया गया और इसके इस्तेमाल की प्रक्रिया समझाई गई। पुलिस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति चोरी की गाड़ी की सूचना देता है और उससे कार्रवाई संभव होती है, तो ऐसे पुलिस मित्रों को सम्मानित भी किया जाएगा। इससे आमजन की भागीदारी बढ़ेगी और अपराध पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।
सशक्त ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन और ओटीपी सत्यापन के बाद प्रोफाइल सक्रिय हो जाती है। इसके बाद संदिग्ध वाहन नंबर डालने पर यह पता चल सकेगा कि उस पर कोई एफआईआर दर्ज है या नहीं। यदि वाहन चोरी का पाया जाता है, तो इसकी सूचना सीधे पुलिस थाने को दी जा सकती है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। ऐप में पुलिस डायरेक्टरी जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
इधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया गया है। गैरेज संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे उपकरण वाहनों में न लगाएं। यदि किसी वाहन चालक से पूछताछ में यह सामने आता है कि संशोधित साइलेंसर किसी विशेष गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। एसएसपी ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
