रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब के शौकीनों के लिए अब निजी कार्यक्रमों में शराब पिलाने के लिए भी लाइसेंस लेना होगा। आबकारी विभाग ने एक नई नीति के तहत निजी आयोजन में शराब पिलाने के लिए शुल्क तय किया है। अगर आप अपने घर (फार्म हाउस को छोड़कर) में पार्टी आयोजित करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको 10 हजार रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं, शादी ब्याह जैसे कार्यक्रम के लिए 15 हजार रुपये और बड़े इवेंट्स, जैसे कंसर्ट, डांस, संगीत या क्रिकेट मैच में शराब पिलाने के लिए 30 हजार रुपये का शुल्क तय किया गया है।
नया लाइसेंस ‘एफएल 5 ‘
यह लाइसेंस ‘एफएल 5 क’ के नाम से जाना जाता है, जिसे अब एक दिन के कार्यक्रम के लिए लिया जा सकेगा। यह नीति 1 अप्रैल से लागू हो गई है, जो नए वित्तीय वर्ष से शुरू हो रही है। इसके तहत, जो लोग अपने निजी स्थानों (फार्म हाउस को छोड़कर) में कार्यक्रम आयोजित कर शराब परोसना चाहते हैं, उन्हें इस एक दिन के लाइसेंस के लिए शुल्क चुकाना होगा।
राजस्व लक्ष्य में वृद्धि
इस साल छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब से मिलने वाले राजस्व का लक्ष्य बढ़ाकर 12,700 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वर्ष 11,000 करोड़ रुपये था। राज्य में शराब की 67 नई दुकानें खोलने की भी योजना है। साथ ही, शराब के नए ब्रांड और बीयर के करीब 8 ब्रांड इस साल से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। यह कदम शराब प्रेमियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है, क्योंकि अब उन्हें निजी आयोजनों में भी शराब का आनंद लेने के लिए आधिकारिक अनुमति मिल सकेगी।