रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच संपन्न हुआ भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता (India–US Interim Trade Agreement) देश की वैश्विक आर्थिक स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस समझौते को छत्तीसगढ़ के लिए दूरगामी आर्थिक लाभ वाला बताते हुए कहा कि इससे राज्य के उद्योग, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अमेरिकी बाजार तक सीधी पहुँच प्राप्त होगी।
राज्य के वन-आधारित उत्पाद, लघु वनोपज, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र उद्योग और कृषि आधारित उत्पादों के निर्यात को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी और प्रदेश के युवाओं, कारीगरों तथा उद्यमियों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
उन्होंने कहा कि इस व्यापार समझौते में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इससे कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और मूल्य संवर्धन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और ग्रामीण उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने उत्पाद प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह समझौता मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत की भावना को और सशक्त करेगा। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में राज्य को एक सशक्त एवं सक्रिय भागीदार बनाएगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समावेशी, सतत और रोजगारोन्मुखी विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और यह समझौता प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा।
