जल शुल्क में बढ़ोतरी, आम जनता पर नहीं पड़ेगा असर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने पानी के उपयोग पर लगने वाले जल शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। जल संसाधन विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नई दरें 2 फरवरी 2026 से लागू कर दी गई हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले करीब 5 साल पहले पानी के शुल्क में संशोधन किया गया था।

हालांकि सरकार के इस निर्णय का आम जनता पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से उद्योगों, थर्मल और हाइड्रो विद्युत परियोजनाओं के लिए की गई है। सरकार का कहना है कि नई दर संरचना का उद्देश्य जल संसाधनों का संरक्षण, राजस्व में वृद्धि और भू-जल के अत्यधिक दोहन पर नियंत्रण करना है।

जल संसाधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 2 फरवरी से लागू नई व्यवस्था के तहत अब उद्योगों को पानी उपयोग के लिए 300 से 360 रुपए प्रति घन मीटर तक शुल्क चुकाना होगा। वहीं जिन उद्योगों में पानी का खुद का स्रोत मौजूद है, जैसे बोर या ट्यूबवेल, वहां 150 रुपए प्रति घन मीटर की दर से जल शुल्क देना होगा।

इसके अलावा लघु जल विद्युत परियोजनाओं पर भी शुल्क बढ़ाया गया है। ऐसे प्रोजेक्ट्स में पानी के उपयोग पर 7.50 रुपए से लेकर 15 रुपए प्रति घन मीटर तक चार्ज लगाया जाएगा।

सरकार का तर्क है कि उद्योगों में पानी की खपत अधिक होती है, इसलिए शुल्क में संशोधन कर पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही इससे जल स्रोतों पर दबाव कम होगा और भविष्य के लिए पानी का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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