जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है सरकार : सीएम साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय अंचलों के समग्र विकास के लक्ष्य को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

वे कोरबा जिले के आईटीआई रामपुर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में आयोजित गौरा पूजा महोत्सव एवं बैगा पुजेरी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गौरा-गौरी पूजन तथा बैगा-पुजेरी सम्मेलन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और आस्था हमारी पहचान का मूल आधार हैं, जिनके संरक्षण में बैगा और पुजेरी समाज की ऐतिहासिक भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री साय ने आईटीआई चौक से बालको रोड का नाम “जनजातीय गौरव पथ” रखने तथा इस मार्ग के प्रारंभिक बिंदु पर जनजातीय महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया था, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीद बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर धरती आबा उत्कर्ष योजना एवं पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए विकास के नए द्वार खोले हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के लिए 80 हजार करोड़ तथा पीएम जनमन योजना के लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के 6,691 गांव लाभान्वित हो रहे हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर सहित पीवीटीजी समुदायों के उत्थान के लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े रहे हैं और आदिवासी समाज भगवान गौरागौरी के रूप में शिव-पार्वती की उपासना करता आया है। नवा रायपुर में स्थापित डिजिटल जनजातीय संग्रहालय नई पीढ़ी को महापुरुषों की गाथाओं से जोड़ने का कार्य कर रहा है। बैगा, गुनिया और सिरहा को प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की सम्मान निधि तथा सरना स्थलों के संरक्षण की घोषणा भी सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।

Exit mobile version