बालोद। जिले के दल्लीराजहरा स्थित एक अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शुक्रवार सुबह अस्पताल परिसर के टॉयलेट में नवजात शिशु का शव बरामद किया गया। इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलते ही पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया, वहीं अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए।
घटना की सूचना मिलते ही दल्लीराजहरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और टॉयलेट को सील कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चे की मौत जन्म के समय हुई या बाद में किसी कारण से उसकी जान गई। डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वजह का खुलासा करेगी।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आखिर अस्पताल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में नवजात को टॉयलेट तक कौन और कैसे लेकर पहुंचा, यह पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली बनी हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं नवजात को जन्म देने के बाद किसी महिला ने सबूत मिटाने के लिए शव को वहां तो नहीं छोड़ा।
पुलिस ने अस्पताल में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही वार्ड ब्वॉय, नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से भी पूछताछ की जा रही है। हाल ही में भर्ती रही महिलाओं के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी ने गुपचुप तरीके से प्रसव तो नहीं कराया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि नवजात की मौत प्राकृतिक थी या किसी आपराधिक कृत्य का परिणाम। दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
