अजित पवार के प्लेन का ब्लैक बॉक्स बरामद, हादसे के कारणों का पता लगेगा

दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ सवार लेयरजेट चार्टर प्लेन का ब्लैक बॉक्स हादसे के एक दिन बाद बरामद कर लिया गया है। सिविल एविएशन मंत्रालय (MoCA) ने इसकी पुष्टि की है।

ब्लैक बॉक्स में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) शामिल हैं। इसकी जांच से हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। AAIB और मुंबई स्थित DGCA की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं। फोरेंसिक विभाग के अधिकारी भी साइट पर जांच कर रहे हैं।

ब्लैक बॉक्स क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है
ब्लैक बॉक्स विमान के सबसे सुरक्षित हिस्से में रखा जाता है, आमतौर पर टेल सेक्शन में। यह टाइटेनियम या स्टेनलेस स्टील से बना होता है और 1100 डिग्री सेल्सियस तापमान और समुद्र की गहराई में दबाव झेल सकता है। पानी में गिरने पर यह 14,000 फीट तक सिग्नल भेज सकता है। दुर्घटना के बाद ब्लैक बॉक्स का चमकीला नारंगी रंग और अंडरवाटर बीकन इसे ढूंढने में मदद करता है।

ब्लैक बॉक्स से जुड़ी जानकारी
ब्लैक बॉक्स का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि पहले इसका अंदरूनी हिस्सा काला होता था या हादसे के बाद आग में जलकर काला हो जाता था। यह वास्तव में बॉक्स जैसा नहीं होता, बल्कि गोल, बेलनाकार या गुंबद जैसी आकृति का होता है। इसके डेटा से फ्लाइट की गति, ऊंचाई, दिशा और पायलट के संवाद का रिकॉर्ड मिलता है, जिससे हादसे का कारण पता चलता है।

पिछले हादसों में खोजने का समय
कुछ हादसों में ब्लैक बॉक्स तुरंत मिल जाता है, जैसे श्रीविजया एयर जेट 2021 में तीन दिन में। लेकिन एयर फ्रांस 447 2009 में 699 दिन बाद मिला और मलेशिया एयरलाइंस 370 2014 में अब तक नहीं मिला।

जांच भारत में
दिल्ली में DFDR & CVR लैब स्थापित की गई है, जहां ब्लैक बॉक्स से डेटा निकाला और एनालिसिस किया जाता है। यही पर अजित पवार के प्लेन का ब्लैक बॉक्स जांच के लिए भेजा जाएगा, जिससे हादसे के कारणों का निष्कर्ष सामने आएगा। यह ब्लैक बॉक्स बरामद होना विमान हादसे की जांच में पहला और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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