नितिन@रायगढ़. विगत करीब डेढ़ माह से जिले के रिहायशी इलाकों के साथ कॉलोनियों में सुनियोजित तरीके से अज्ञात चोर सूने मकानों में चोरी को अंजाम दे रहे थे। एक के बाद एक चोरियों की बड़ी घटनाओं को एसपी अभिषेक मीना गंभीरता से लेते हुए सभी मामलों की स्वयं समीक्षा कर एडिशनल एसपी लखन पटले के नेतृत्व में सीएसपी दीपक मिश्रा, साइबर सेल और जिले के विभिन्न थाना के प्रभारी व स्टाफ की संयुक्त टीम बनाया गया जिन्हें अलग- अलग जिम्मेदारी सौंपा गया। एडिशनल एस पी एवं सी एस पी रायगढ़ के सुपरविजन में पुलिस टीम मामले की पतासाजी में जुटकर सभी चोरियों के करीब 150-200 सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिनमें कई संदिग्ध के फोटो भी मिले जिन्हें मुखबिर तथा पूर्व के चोरी, लूट में शामिल आरोपियों को दिखाकर पहचान कराया गया। लोकल लोग भी फुटेज देखकर संदिग्ध को नहीं पहचान पाए । पुलिस को अंदेशा हुआ कि जरूर ही कोई बाहरी गिरोह चोरी में शामिल है । इसी बीच साइबर सेल की टीम को सिलसिलेवार चोरियों में एक कॉमन लिंक मिला, जांच में लगी अन्य टीम की जानकारी भी उसी लिंक पर मेल हुआ जिसके बाद टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर संदिग्धों का लोकेशन पुलिस टीम को मिला जिसके आधार पर जूटमिल प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस और सरिया थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कमल किशोर पटेल के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीमें पश्चिम बंगाल की ओर रवाना किया गया । लगभग 1 सप्ताह के अथक प्रयास पर रायगढ़ पुलिस की टीम आरोपियों के ठिकाने थाना कुमारगंज डिस्ट्रिक्ट दक्षिण दिनाजपुर पश्चिम बंगाल में रेड किया गया जहां एक महिला (छबिकुन नहर बिबी मण्डल) मिली । जिससे कड़ी पूछताछ में जानकारी हुआ कि आरोपीगण उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ के कई जिलों में जाकर रुकते हैं अक्सर यह काम धंधे के बहाने ऐसे स्थानों में रुकते हैं जहां आम लोगों का आना जाना कम हो, ये लोग कबाड़ बीनने फेरी करने, सफाई का काम, एसी सुधारने जैसे काम कर लोगों को अपना परिचय दिया करते थे और मौका देखकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे । इनके गिरोह का सरगना मोहम्मद खालिद है जो अपने साथियों के साथ हर जिले में नए वेशभूषा के साथ रुकता और अपराध को अंजाम देता था । इनकी टीम भारत-बांग्लादेश के अंतिम सीमा में बसे गांव को अपना ठिकाना बनाकर रखे हुए थे। यहां वह चोरी के माल को बांग्लादेश तथा पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में खपा रहे थे । आरोपीगण चोरी की संपत्ति से कई बहुमूल्य जमीनों की खरीदी मकानों की खरीदी की जानकारी पुलिस को मिली है और यह अक्सर चोरी की गाड़ी का प्रयोग कर रहे थे । जूटमिल के पार्क सिटी में चोरी में भी आरोपियों द्वारा जिस मोटरसाइकिल का उपयोग किया गया है पुलिस की जांच में उसके पामगढ़ जिला जांजगीर चांपा क्षेत्र में चोरी की जानकारी मिली है आरोपियों में तीन फरार हैं जिनकी पहचान पुलिस को मिल चुकी है । अन्य जिलों की पुलिस से जिले की पुलिस संपर्क में है जिनकी शीघ्र धरपकड़ किया जावेगा ।
आरोपियों का खुलासा-
छत्तीसगढ़ आने पर सांगीतराई-तुर्कमुड़ा में घर किराये पर लिये था जहां पर हम सभी रहते थे । रायगढ़ के बड़ी-बड़ी कालोनियों की रेकी कर चिन्हांकित करके रात में उसमें चोरी किया करते थे । सबसे पहले चक्रधरनगर में केलो विहार में 23-24 जून की दरमियानी रात को एक राय होकर मोहम्मद खालिद, मिलन शेख, छोटू खान मिलकर चोरी किये। जिसमें चांदी का पाजेब, चांदी का छल्ला, बिछिया, पायल, चांदी का सिक्का एवं सोने के आभुषण तथा नकदी रकम मिला था । इसके बाद दिनांक 03-04 जुलाई की दरमियानी रात को कृष्णाविहार कालोनी में एक सूने मकान में सेंट्रल लॉक को तोड़कर घर में घुसकर सोने, चांदी के आभुषण तथा पूजा की थाल, एवं चांदी के सिक्के चोरी किये कि इसके बाद दिनांक 11-12 जुलाई की दरमियानी रात्रि को अफसर मण्डल, मोहम्मद खालिद, मिलन शेख, के साथ मिलकर बोईरदादर मालीडीपा के एक सूने मकान का ताला तोड़कर जेवरातों की चोरी और दिनांक 16-17 की दरमियानी रात को फिर हम लोग पार्क सिटी कालोनी में भी मोहम्मद खालिद, मिलन शेख एवं छोटू खान शामिल थे । पार्क सिटी में चोरी के बाद सभी अफसर मंडल के घर गये, जहां चोरी के माल का आपस में बटवारा किये। अफसर मंडल अपनी बहु छबिकुन नहर बिबी मण्डल के पास अपना कुछ हिस्सा रखा था। पुलिस टीम आरोपिया छबिकुन नहर बिबी मण्डल तथा आरोपी मिलन शेख और मिलोन मंडल के पास से मशरूका की बरामदगीकिया गया है । छबिकुन नहर बिबी मण्डल माल बेचने में भी सहयोग करती थी । मोहम्मद खालिद के गैंग का मास्टर मांइड है ।