छत्तीसगढ़ में मंदिरों में उमड़ रही भक्तों की भीड़: रायपुर, अंबिकापुर, डोंगरगढ़ में श्रद्धालुओं का तांता

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए साल 2026 के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। रायपुर के राम मंदिर और अंबिकापुर के महामाया मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर, डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी मंदिर और दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर भी श्रद्धालुओं से गुलजार हैं।

राम मंदिर में नए साल पर 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की संभावना जताई जा रही है। मंदिर सुबह 5:30 बजे से रात 12 बजे तक खुले रहेंगे। रायपुर के गणेश मंदिर और महामाया मंदिर में भी भक्त सुबह से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

दंतेवाड़ा के मां दंतेश्वरी मंदिर में हर दिन 5-6 हजार भक्त दर्शन करते हैं। बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के लोग यहां आते हैं। इस बार VIP दर्शन सुविधा भी शुरू की गई है, जिसके लिए 2,100 रुपए की पर्ची आवश्यक है। मंदिर में मान्यता है कि माता सती का 52वां अंग यहीं गिरा था।

बिलासपुर के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर में एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। आसपास पर्यटन स्थल जैसे कका पहाड़, लखनी देवी, रामटेकरी, नक्षत्र वाटिका और खूंटाघाट डैम भी दर्शनीय हैं। अंबिकापुर के महामाया मंदिर और महासमुंद के बागबाहारा स्थित चंडी मंदिर में भी हजारों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।

डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर में भी 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मंदिर में VIP दर्शन मुफ्त हैं। आसपास रेस्टोरेंट, होटल और भंडारे की सुविधा उपलब्ध है।

श्रद्धालुओं के लिए धर्मशाला और होटल में कमरे 200 से 1,500 रुपए तक मिल रहे हैं। यात्रा के लिए सड़क, बस और रेल की अच्छी सुविधा है। मंदिर प्रशासन ने नए साल पर भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था और गाइडलाइन लागू की है, ताकि भक्त आराम से पूजा कर सकें।

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