हिंदी-अंग्रेजी में पुलिस वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप; नागरिक, विशेषज्ञ और संस्थाएं 30 दिन में भेज सकेंगे आपत्ति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोलाहल नियंत्रण के लिए प्रस्तावित नए कानून को लेकर राज्य सरकार ने आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी ने छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। सरकार ने नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों को विधेयक के प्रावधानों पर अपनी राय रखने का अवसर दिया है।
प्रस्तावित विधेयक का प्रारूप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी ने मौजूदा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक संशोधन करते हुए नए विधेयक का प्रारूप तैयार किया है। नागरिक प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन कर शासन को अपने सुझाव और आपत्तियां भेज सकते हैं।
पुलिस वेबसाइट पर अपलोड किया गया ड्राफ्ट
विधेयक का प्रारंभिक प्रारूप छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस/प्रेस रिलीज सेक्शन में हिंदी और अंग्रेजी में अपलोड किया गया है। कोई नागरिक, संस्था या संबंधित हितधारक विधेयक के किसी प्रावधान को लेकर अपनी आपत्ति या सुझाव निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन को भेज सकता है।
30 दिन में भेज सकेंगे सुझाव
राज्य शासन ने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की है। इस अवधि में आम नागरिकों के अलावा विषय विशेषज्ञ और संबंधित संस्थाएं भी प्रस्तावित कानून के प्रावधानों पर अपनी राय दे सकेंगी।
सुझाव और आपत्तियां प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर के पते पर भेजी जा सकती हैं।
सरकार के अनुसार, सुझाव और आपत्तियां प्राप्त होने के बाद प्रस्तावित विधेयक के संबंध में आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। इस प्रक्रिया के जरिए नए कोलाहल नियंत्रण कानून के प्रारूप पर नागरिकों और संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
