रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन के सभी सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सीएम साय ने इस सत्र को राज्य की प्रगति और लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ‘मील का पत्थर’ बताया।
नक्सलवाद से मुख्यधारा की ओर बड़ा संदेश
इस बजट सत्र की सबसे खास बात 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इन युवाओं द्वारा विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन करना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीर है। इससे बस्तर और पूरे प्रदेश में शांति व समृद्धि का सकारात्मक संदेश गया है।
युवाओं और पारदर्शिता के लिए पारित हुए अहम विधेयक
15 बैठकों वाले इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित होने के साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य संपन्न हुए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इन विधेयकों का उल्लेख किया:
भर्ती परीक्षा नकल रोधी विधेयक: परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए पारित।
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026: सामाजिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु।
नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक: विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए।
कर्मचारी चयन मंडल विधेयक: सरकारी भर्तियों को गति देने के लिए।
डिजिटल माध्यम से जुड़े रहे विस अध्यक्ष
मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि अस्वस्थता के बावजूद डॉ. सिंह डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर नजर बनाए हुए थे। सीएम ने उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए सदन के सुचारू संचालन के लिए उनका धन्यवाद किया।
