दिल्ली। भारत के मौसम में अचानक आए बदलाव ने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन कई राज्यों के लिए यह आफत बनकर भी आया है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण उत्तर भारत के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी इलाकों में आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए चेतावनी जारी की है। बंगाल के मैदानी इलाकों में 80 किमी/घंटा और ओडिशा में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में भारी बारिश और ओले गिरने का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
बिजली गिरने से मौतें और भारी नुकसान
पिछले 24 घंटों में मौसम का सबसे क्रूर चेहरा उत्तर प्रदेश और बिहार में देखने को मिला, जहां आंधी-बारिश के दौरान बिजली गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई। राजस्थान के जयपुर समेत 8 जिलों और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार को जमकर ओले गिरे, जिससे तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
पहाड़ों पर ‘विंटर’ रिटर्न
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार चौथे दिन बर्फबारी जारी है।
- अटल टनल और रोहतांग: यहाँ 120 सेंटीमीटर तक बर्फ की परत जम गई है।
- बद्रीनाथ धाम: पूरा मंदिर परिसर सफेद चादर से ढक गया है।
- रास्ते बंद: लैंडस्लाइड के कारण मनाली-लेह और भुंतर-मनिकरण जैसे प्रमुख मार्ग बाधित हैं।
अगले 7 दिन का अनुमान
राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक देश के किसी भी हिस्से में लू (Heatwave) चलने की कोई आशंका नहीं है। हालांकि, 23 मार्च से उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में फिर से गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। गुजरात को छोड़कर शेष भारत में तापमान फिलहाल स्थिर या सामान्य से कम बना रहेगा।
