शिल्पग्राम में दिख रही छत्तीसगढ़ की हुनरमंद कारीगरी, कोसा से बस्तर आर्ट तक आकर्षण

कोशल फैब के प्रीमियम हैंडलूम उत्पादों की धूम, सेल्फी पॉइंट और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां भी खींच रहीं लोगों का ध्यान

रायपुर। नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में शिल्पग्राम लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां की साज-सज्जा से लेकर धातु, मिट्टी और लकड़ी से बनी कलाकृतियां छत्तीसगढ़ की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा की झलक दिखा रही हैं। सिल्क, हथकरघा और पारंपरिक कपड़ों के उत्पादों की विविधता के बीच शिल्पग्राम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को भी साकार करता नजर आ रहा है।

शिल्पग्राम में हथकरघा उत्पादों को देखने और खरीदने में लोगों की खास दिलचस्पी है। यहां साड़ियों, शर्ट, कपड़ों और घरों को सजाने वाले सामानों की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। इनमें कोशल फैब का स्टॉल खास आकर्षण बना हुआ है। कोशल फैब से जुड़े रीतेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अगस्त में छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड कोशल फैब की लॉन्चिंग की थी। इसके साथ इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर भी शुरू किया गया था।

‘लूम टू लग्जरी’ से वैश्विक पहचान की तैयारी

‘लूम टू लग्जरी’ की अवधारणा पर आधारित कोशल फैब के जरिए छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों के हुनर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है।

बस्तर आर्ट और लोककलाओं ने मोहा मन

शिल्पग्राम में बस्तर की विशिष्ट कलाकृतियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। झारा आर्ट और वैक्स तकनीक से बनी कलाकृतियों को देखकर लोग इनके निर्माण की प्रक्रिया जानने में रुचि दिखा रहे हैं। अलग-अलग अंचलों की लोककलाओं और परंपराओं को भी यहां खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है।

इसके अलावा शिल्पग्राम में सेल्फी पॉइंट बनाया गया है, जहां लोगों की भीड़ उमड़ रही है। मुख्य मंच के सामने स्थानीय कलाकारों के लिए अलग मंच तैयार किया गया है। यहां उनकी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राज्योत्सव के उत्साह और उल्लास को और बढ़ा रही हैं। इस तरह शिल्पग्राम स्थानीय उत्पादों, कलाकारों और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को एक ही जगह प्रस्तुत कर रहा है।

↑
Exit mobile version