SIPRI रिपोर्ट: भारत के परमाणु हथियार बढ़कर 190 हुए, पहली बार 12 एटमी हथियार तैनात

दिल्ली। भारत ने पहली बार सीमित संख्या में परमाणु हथियारों की तैनाती की है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की इयरबुक 2026 के अनुसार, भारत का परमाणु हथियार भंडार बढ़कर 190 हो गया है, जो दो साल पहले 180 था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2026 में भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार तैनात किए हैं। वहीं पाकिस्तान के पास अनुमानित 170 परमाणु हथियार हैं और उसके भंडार में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत, रूस और अमेरिका की तरह अपने परमाणु हथियारों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं करता। इसलिए SIPRI जैसे संस्थान उपलब्ध जानकारियों और सैन्य गतिविधियों के आधार पर अनुमान जारी करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया एक नए परमाणु प्रतिस्पर्धा के दौर में प्रवेश कर रही है, जहां लगभग सभी परमाणु संपन्न देश अपने हथियारों और डिलीवरी सिस्टम का आधुनिकीकरण कर रहे हैं।

SIPRI के अनुसार 2026 की शुरुआत में दुनिया के नौ देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार मौजूद हैं। इनमें से 9,745 हथियार सैन्य भंडार में रखे गए हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किए जा सकते हैं। अमेरिका और रूस के पास दुनिया के करीब 86 प्रतिशत परमाणु हथियार हैं, जबकि चीन का परमाणु भंडार भी बढ़कर 620 हथियारों तक पहुंच गया है।

रिपोर्ट में भारत की रणनीतिक तैयारियों का भी जिक्र किया गया है। भारत लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता को मजबूत कर रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर चीन के दूरस्थ इलाकों तक पहुंच बनाई जा सके। साथ ही MIRV तकनीक और समुद्र आधारित परमाणु क्षमता पर भी तेजी से काम हो रहा है। INS अरिहंत और INS अरिघात जैसी परमाणु पनडुब्बियों को भारत की ‘सेकेंड स्ट्राइक कैपेसिटी’ का अहम आधार माना गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य तनाव के दौरान साइबर और डिजिटल ऑपरेशन्स का भी इस्तेमाल हुआ था। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल में भारत अपनी रणनीतिक क्षमता को लगातार मजबूत करने पर फोकस कर रहा है।

Exit mobile version