रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर ही होती है। मुख्यमंत्री ने यह बात मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में जशपुर जिले से अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से आत्मीय चर्चा करते हुए उनके गांवों की स्थिति और विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने भी जनसेवा की शुरुआत पंच के रूप में की थी। इसके बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो तो वह पंचायत में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर उनसे सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है। जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल विधानसभा की कार्यवाही देखने भी पहुंचा था। इस दौरान गोमदी सायऔर रायुनी भगत सहित जशपुर जिले के सरपंच उपस्थित रहे।
