रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निज निवास बगिया में “गजरथ यात्रा-2025” पुस्तक का विमोचन किया।
यह पुस्तक जशपुर जिले में हाथी-मानव द्वंद को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का व्यापक दस्तावेज है, जिसमें हाथी विचरण क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों के वैज्ञानिक वर्गीकरण, विद्यालय स्तर पर चल रहे जागरूकता अभियानों, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष की स्थापना, तकनीकी नवाचारों जैसे एनीमल ट्रैकर ऐप के प्रशिक्षण तथा जिलेभर में गजरथ यात्रा के विस्तार और उपलब्धियों का विस्तार से विवरण दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पुस्तक आम नागरिकों को हाथियों के स्वभाव, उनके विचरण मार्गों और जोखिम वाले क्षेत्रों को समझने में मदद करेगी, जिससे समय रहते सतर्कता बरती जा सकेगी और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।
उन्होंने कहा कि जशपुर जैसे वन बहुल जिलों में मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है और गजरथ यात्रा इस दिशा में एक अभिनव पहल बनकर उभरी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाथी-मानव द्वंद प्रबंधन और जनजागरूकता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले छह वनकर्मियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इनमें वनपाल उमेश पैंकरा, वनरक्षक दुर्गेश नंदन साय, आरआरटी टीम के महत्तम राम सोनी, गणेश राम एवं रविशंकर पैंकरा तथा हाथी मित्र दल से फूल सिंह सिदार शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कर्मियों की सतर्कता, साहस और सेवाभाव के कारण कई गांवों में संभावित बड़ी घटनाएं टल सकीं और जान-माल की रक्षा संभव हो पाई।
मुख्यमंत्री ने विद्यालय स्तर पर संचालित जागरूकता अभियानों की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को बचपन से ही प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना भविष्य के लिए सबसे बड़ी पूंजी है।
कार्यक्रम के दौरान कमिश्नर रेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह तथा वनमंडलाधिकारी शशि कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
