रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन की कार्यवाही विपक्ष के विरोध और हंगामे के साथ शुरू हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर ईडी की छापेमारी को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार नारेबाजी की और गर्भगृह में धरने पर बैठ गए। इसके बाद स्पीकर ने विपक्षी विधायकों को निलंबित कर दिया।
निलंबन के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने कांग्रेस विधायक दल की आपात बैठक बुलाई, जो उनके कक्ष में जारी है। इस बैठक में सभी कांग्रेस विधायक मौजूद हैं। इस बीच, मंत्री रामविचार नेताम और वित्त मंत्री ओपी चौधरी विपक्षी विधायकों को मनाने पहुंचे, लेकिन कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही से बहिर्गमन कर दिया।
उमेश पटेल का बड़ा बयान
कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए कहा, कि
“विधानसभा में सवाल उठाने वाले विधायकों पर कार्रवाई हो रही है। अगर कोई विधायक सदन में सवाल उठाता है, तो ईडी भेज दी जाती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार को भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना पर सवाल उठाया था, और दो दिन बाद उन पर ईडी की कार्रवाई हो गई। उमेश पटेल ने कहा कि इसी तरह की कार्रवाई कवासी लखमा के खिलाफ भी की गई थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार सदन में सवाल उठाने वालों की आवाज दबाना चाहती है और लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि “बीजेपी रूपी अंग्रेजों से लड़ाई जारी रहेगी।”