राजस्व मंत्री ने लगाई अधिकारियों की क्लास: लंबित प्रकरणों का समय पर निपटारा करें, वरना होगी कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सोमवार को विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जनहित के कार्य पूरे करने पर जोर दिया गया।

मंत्री ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागीय आधुनिकीकरण की समीक्षा की। बैठक में नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार और सीमांकन जैसे लंबित मामलों की जिलेवार समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार संबंधी प्रकरण तय समय सीमा में निपटाए जाएं। देरी होने पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए एग्रीस्टेक के तहत जियोरिफ्रेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। नक्शा प्रोजेक्ट और जियोरिफ्रेंसिंग के लंबित कार्यों को अगले 3 महीने में पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आबादी पट्टा वितरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राजस्व अधिकारियों को 31 जुलाई तक सभी लाभार्थियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही आकाशीय बिजली, स्कूलों और अस्पतालों की सुरक्षा तथा अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया गया।

बैठक में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना की समीक्षा की गई। स्वामित्व कार्ड वितरण में तेजी लाने के लिए 3 महीने का लक्ष्य तय किया गया। रायपुर जिले में धीमी राजस्व वसूली पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही बजट 2025-26 और 2026-27 पर भी चर्चा हुई।

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