रायपुर। राजधानी की करीब 150 करोड़ की सरकारी जमीन को गलत तरीके से नामांतरण करने के विवाद के बीच छत्तीसगढ़ रेरा ने सख्त कार्रवाई करते हुए गोदरेज प्रॉपर्टीज की नवा रायपुर में स्थित प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
रेरा ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रोजेक्ट में बिक्री-खरीदी तभी की जा सकती है, जब उसका रेरा में पंजीयन हो। बिना पंजीकरण वाले प्रोजेक्ट में लेन-देन करना कानूनन अवैध है।
इसके बाद सोशल मीडिया पर यह जानकारी मिली कि कंपनी के एजेंट प्रॉपर्टी पर रोक होने के बावजूद विज्ञापन दे रहे हैं। लगातार पुख्ता प्रमाण मिलने पर रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। प्राधिकरण ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एजेंटों को तलब किया।
सुनवाई में यह सामने आया कि दीक्षांत राठौर (पुणे), बलराम शशिकांत झा (मीरा रोड ईस्ट, पुणे), प्रॉपर्टी क्लाउड रियलिटी स्पेशिफायर प्रालि (मुंबई) और अतुल्यम इंफ्राटेक प्रालि (शकुरपुरा, दिल्ली) ने गोदरेज प्रॉपर्टी से संबंधित विज्ञापन सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। यह रेरा अधिनियम की धारा 3, 9 और 10 का उल्लंघन है।
इस पर प्राधिकरण ने रेरा अधिनियम की धारा 62 के तहत 10 हजार रुपए प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना लगाया है। जुर्माने की सीमा 88 लाख 55 हजार रुपए तक है और यह तब तक लागू रहेगा जब तक सभी एजेंट विज्ञापन हटा नहीं देते।
रेरा का यह कदम संपत्ति बाजार में नियमों का पालन सुनिश्चित करने और ग्राहकों को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
प्राधिकरण ने कहा कि पंजीकरण के बिना बिक्री और प्रचार को पूरी तरह रोका जाएगा और उल्लंघन करने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से प्रॉपर्टी एजेंटों और डेवलपर्स के लिए चेतावनी भी है कि रेरा नियमों का उल्लंघन गंभीर परिणाम ला सकता है।
