रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून पूरी तरह सक्रिय रहा और मध्य क्षेत्र के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
हालांकि मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 8 जुलाई से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियों और उसकी तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। फिलहाल मानसून सामान्य स्थिति में है, लेकिन इस सीजन में अब तक औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 7 जुलाई के बीच प्रदेश में 271.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक केवल 235.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी इस अवधि में लगभग 36.4 मिमी कम बारिश हुई है। इसके बावजूद कई जिलों में लगातार हो रही वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के भानपुरी गांव में भारी बारिश के कारण एक खेत में करीब 20 फीट चौड़ा और 30 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
वहीं अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित करम्हा गांव में बैल चराने गए 65 वर्षीय जयनाथ राम की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
बारिश का असर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला। सरगुजा का लोसंगा नाला उफान पर है, जबकि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के गोमर्डा अभयारण्य स्थित माड़ोसिल्ली झरना पूरी तरह लबालब भर गया है।
जशपुर की पहाड़ियां और जंगल घने कोहरे से ढके नजर आए। बेमेतरा जिले में कई पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई।
लगातार बारिश से किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। शुरुआती बारिश से बुवाई को गति मिली थी, लेकिन अब कई खेतों में जरूरत से ज्यादा पानी भर जाने से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
