दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून का असर देखने को मिल रहा है। बिहार और मध्य प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बिहार में गंगा लगातार उफान पर है। पटना का दीघा घाट डूब चुका है। वहीं, बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रशासन ने 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है।
मध्य प्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में भी हालात चिंताजनक हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊपर बह रही है। घाट किनारे करीब 400 दुकानें पानी में डूब चुकी हैं। कई लोग घरों और होटलों में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव के लिए दो हेलिकॉप्टर के साथ SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।
बारिश और बाढ़ का असर जनजीवन पर भी पड़ रहा है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
दूसरी ओर, राजस्थान में मानसून की स्थिति अलग है। जयपुर समेत 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। इस साल मानसून कमजोर रहने के कारण जयपुर सहित 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में इन राज्यों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
