नदी के बीच निजी रास्ता: 10 किमी की दूरी घटाने के लिए शिवनाथ पर अवैध एनीकट

दुर्ग। दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के बीच ईंट-भट्ठा ठेकेदार द्वारा बनाया गया अवैध एनीकट अब बड़ा विवाद बन गया है। पथरिया और रवेलीडीह पंचायत के बीच से गुजरने वाली शिवनाथ नदी पर मिट्टी का रास्ता बनाकर ठेकेदार ने नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक निजी मार्ग तैयार कर लिया है। इसका मकसद साफ है—ईंट बनाने के लिए मिट्टी लाने में लगने वाली लगभग 10 किलोमीटर की दूरी को घटाना और समय व खर्च की बचत करना।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के मौसम में यह कच्चा पुल बह जाता है, लेकिन भट्ठा संचालक हर साल दोबारा इसे तैयार करवा देता है। बाकी करीब 8 महीने इसी रास्ते से नदी के दोनों किनारों की मिट्टी काटकर ईंट-भट्ठे तक पहुंचाई जाती है। भट्ठे का मलबा भी नदी में ही डाला जा रहा है, जिससे शिवनाथ का पानी प्रदूषित हो रहा है और जलप्रवाह भी प्रभावित हो रहा है।
पथरिया पंचायत के सरपंच मीत कुमार निषाद का कहना है कि ठेकेदार ने पंचायत से किसी तरह की अनुमति नहीं ली है। पहले शिकायत करने पर तत्कालीन सचिव पर कार्रवाई भी हुई थी, लेकिन ठेकेदार का अवैध निर्माण बदस्तूर जारी है। वहीं रवेलीडीह पंचायत के सरपंच माधोलाल देवांगन का आरोप है कि ठेकेदार ने पंचायत की जमीन किराए पर ली है, लेकिन 55 हजार रुपए का किराया अब तक जमा नहीं किया गया।
सिंचाई विभाग के एसडीओ कुलेश्वर जोशी ने बताया कि बिना अनुमति के अस्थायी बांध बनाया गया है। पिछले साल नोटिस दिया गया था, जिसके बाद ठेकेदार ने कोर्ट में केस कर दिया। इस वर्ष भी मौखिक तौर पर निर्माण से रोका गया है और थाने में अतिक्रमण की शिकायत की गई है। उनका कहना है कि 30 वर्षों से इस तरह नदी पर बांध बनाकर उपयोग किया जा रहा है, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
इधर ठेकेदार नीलकंठ पांडे का दावा है कि उसने बांध में 10 जगह पाइप लगाकर पानी के बहाव की व्यवस्था की है और रास्ते का उपयोग आम लोग भी करते हैं। हालांकि सवाल यह है कि बिना अनुमति नदी के बीच बना यह निजी रास्ता आखिर कब तक शिवनाथ के अस्तित्व से खिलवाड़ करता रहेगा।



