बंगाल में कार्यक्रम स्थल बदलने पर राष्ट्रपति नाराज, बोलीं- आदिवासियों को रोकने की कोशिश; पीएम मोदी ने कहा- यह शर्मनाक

दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय का भला नहीं चाहती। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी उनके लिए छोटी बहन जैसी हैं और वह खुद भी बंगाल की बेटी हैं, लेकिन कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठते हैं।

दरअसल राष्ट्रपति 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने पश्चिम बंगाल पहुंची थीं। यह कार्यक्रम पहले सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित होना था, लेकिन बाद में इसे बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया गया। राष्ट्रपति ने कहा कि नया कार्यक्रम स्थल छोटा था, जिसके कारण कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि जगह ऐसी थी जहां लोगों के लिए पहुंचना मुश्किल था।

राष्ट्रपति ने कहा कि अगर कार्यक्रम बिधाननगर में होता तो ज्यादा लोग इसमें शामिल हो सकते थे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रशासन ने वहां कार्यक्रम की अनुमति क्यों नहीं दी। उन्होंने यह भी बताया कि नॉर्थ बंगाल पहुंचने पर उन्हें रिसीव करने के लिए न तो मुख्यमंत्री और न ही राज्य सरकार का कोई मंत्री मौजूद था, जबकि प्रोटोकॉल के तहत ऐसा होना चाहिए।

इस मामले पर नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और उसकी गरिमा हमेशा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्था को शर्मनाक बताया और कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।

वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी करने से पहले भाजपा शासित राज्यों की स्थिति भी देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति का इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें कार्यक्रम में प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बारे में गलत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने संथाल युवाओं से अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को बचाने तथा शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान देने की अपील भी की।

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