कांग्रेस में जिला अध्यक्षों का पावर बढ़ाने की तैयारी,आज जिला अध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे राहुल गांधी

रायपुर। कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। आज, दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्षों से सीधे संवाद करेंगे।

इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल होंगे। कांग्रेस पार्टी लगातार मिली हार के बाद संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश कर रही है। इस बैठक में जिला अध्यक्षों को ज्यादा अधिकार देने और उनकी जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर से लेकर जिलास्तर तक मजबूत करना है। 

राहुल गांधी की रणनीति

राहुल गांधी का उद्देश्य कांग्रेस के संगठन को जिलास्तर से लेकर हाईकमान तक फिर से मजबूत करना है। वे पहली बार जिलाध्यक्षों से सीधे संवाद कर रहे हैं, ताकि पार्टी की ग्राउंड रिपोर्ट सीधे हाईकमान तक पहुंच सके। उनका लक्ष्य संगठन में पावर डिस्ट्रीब्यूशन को बैलेंस करना है, ताकि जिलास्तर पर नेताओं को ज्यादा ताकत मिले, लेकिन हाईकमान की पकड़ भी बनी रहे। राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों को केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठकों में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। इससे पार्टी के जिला अध्यक्षों को टिकट वितरण और चुनाव रणनीतियों में ज्यादा सशक्त भूमिका मिलेगी। यह फैसला राष्ट्रीय अधिवेशन में लिया जाएगा।

प्रदेश नेतृत्व की भूमिका पर असर

इस बैठक से प्रदेश नेतृत्व की भूमिका पर असर पड़ सकता है। पहले जिलाध्यक्षों की रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से हाईकमान तक पहुंचती थी, लेकिन अब राहुल गांधी सीधे जिलाध्यक्षों से फीडबैक लेंगे। इससे गुटबाजी पर रोक लग सकती है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व और मुख्यमंत्री की भूमिका कमजोर भी हो सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह संगठन को मजबूत करने का वर्ष है। वे इस प्रक्रिया को “पावर डिस्ट्रीब्यूशन का बैलेंस” मानते हैं। इसके जरिए राहुल गांधी संगठन की जमीनी स्थिति को समझने और पार्टी को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। 

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