बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसके तहत प्रदेश को रायपुर और बिलासपुर, दो हिस्सों में बांटने पर चर्चा हो सकती है।
संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 22 और 23 अक्टूबर को बिलासपुर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। संगठन के कामकाज के विकेंद्रीकरण और नए पदों के गठन पर भी चर्चा होने की संभावना है।
डॉ. भागवत आज शाम करीब 4 बजे गोंडवाना एक्सप्रेस से बिलासपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर जाएंगे। यहां शाम 7 से 8 बजे तक बौद्धिक वर्ग को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारी-कार्यकर्ता और भाजपा सहित विभिन्न आनुषंगिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल होंगे।
11 विभागों का हो सकता है पुनर्गठन
संघ से जुड़े लोगों के मुताबिक, फिलहाल छत्तीसगढ़ में प्रांत स्तर पर संगठन का कामकाज संचालित होता है। प्रस्तावित बदलाव के तहत रायपुर और बिलासपुर में अलग-अलग संगठनात्मक इकाइयां बनाई जा सकती हैं।
वर्तमान में प्रदेश में 11 विभाग हैं। संभावित पुनर्गठन में रायपुर क्षेत्र में 6 और बिलासपुर क्षेत्र में 5 विभाग शामिल किए जाने की चर्चा है। इससे स्थानीय स्तर पर गतिविधियों के संचालन और समन्वय में आसानी हो सकती है। हालांकि, बदलाव पर अंतिम निर्णय संगठन की बैठक में ही होगा।
युवाओं को जोड़ने पर जोर
संघ आने वाले समय में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को संगठन और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति पर भी काम कर रहा है। ऐसे में भागवत के बौद्धिक वर्ग में युवाओं की भागीदारी और संगठनात्मक गतिविधियों पर मार्गदर्शन दिए जाने की संभावना है।
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा
23 अक्टूबर को प्रांत कार्यकारिणी और अन्य संगठनात्मक बैठकें होंगी। इनमें संघ के शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। प्रांत, विभाग और योजना प्रमुख अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।
बैठकों में भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी। भागवत के दौरे को देखते हुए सरस्वती शिशु मंदिर परिसर और रेलवे स्टेशन सहित आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
