रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। बजट में सरकार ने विकास, रोजगार और अलग-अलग सेक्टरों के लिए कई घोषणाएं कीं, लेकिन इसे लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस ने बजट को निराशाजनक बताते हुए तंज कसा, वहीं भाजपा नेताओं ने इसे ऐतिहासिक करार दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह बेहद निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि “बजट में बस यही दिख रहा है कि शराब महंगी हुई है और मछली सस्ती हो गई है।” बघेल ने आरोप लगाया कि न कृषि, न उद्योग और न ही रोजगार के क्षेत्र में कोई ठोस घोषणा हुई है। उन्होंने कहा कि जब पूरे देश को कुछ नहीं मिला तो छत्तीसगढ़ को क्या मिलेगा। उन्होंने यह भी तंज कसा कि राज्य को “अडानी के लिए छोड़ दिया गया है।”
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र सरकार पर चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। बैज ने कहा कि बजट में छत्तीसगढ़ के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है और राज्य के साथ धोखा किया गया है। उन्होंने माइनिंग कॉरिडोर के ऐलान को लेकर आशंका जताई कि सरकार इसे उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी कर रही है।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बजट को “भारत के सुनहरे भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक दस्तावेज” बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग के उत्थान का रोडमैप है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती देगा।
