दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अपनी मांगों को लेकर पिछले 22 दिनों से आंदोलन कर रहे बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में पदस्थ अतिथि शिक्षकों के धरना स्थल पर बुधवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई की। हिंदी भवन के सामने लगाए गए धरना टेंट को पुलिस ने हटाकर जब्त कर लिया। हालांकि शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि इससे उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा और वे गुरुवार से फिर धरना शुरू करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, दिन में पुलिस प्रशासन ने आंदोलनकारियों को धरना समाप्त करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद अतिथि शिक्षक अपनी मांगों पर अड़े रहे और धरना जारी रखा। देर रात पुलिस बल मौके पर पहुंचा और धरना स्थल से टेंट व अन्य सामान हटाकर जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही।
धरना दे रहे शिक्षकों का कहना है कि सरकार के साथ अब तक कई दौर की चर्चा हुई है, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका आरोप है कि आश्वासन के अलावा अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई, इसलिए आंदोलन जारी रखना उनकी मजबूरी है।
अतिथि शिक्षकों ने कहा कि वे गुरुवार सुबह फिर से हिंदी भवन के सामने एकत्र होंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत अतिथि शिक्षक लंबे समय से नियमितीकरण, संविलियन, समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के चलते शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद धरना स्थल खाली करा दिया गया है, लेकिन आंदोलनकारियों के तेवर देखते हुए गुरुवार को एक बार फिर प्रदर्शन तेज होने की संभावना है। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
