संगठन सृजन: ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद बूथ स्तर पर फोकस करेगी कांग्रेस

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत मंडल और सेक्टर गठन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। अब ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इसके पूरा होते ही पार्टी अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए बड़े नेताओं को मैदान में उतारेगी।

पार्टी के अनुसार अब तक लगभग 25 सौ सेक्टर और 13 सौ मंडलों का गठन हो चुका है। ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद बूथ मैनेजमेंट और बूथ गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि अब संगठन को केवल नेताओं के भाषण और वादों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पॉलिटिकल माइक्रो मैनेजमेंट के जरिए बूथ स्तर पर मजबूत किया जाएगा।

इस रणनीति के तहत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित वरिष्ठ नेता सीधे बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, स्थानीय मुद्दों की पहचान करेंगे और संगठन को सक्रिय बनाएंगे। बूथों को ‘सक्रिय चुनावी इकाई’ के रूप में तैयार करने का लक्ष्य है।

कांग्रेस का उद्देश्य बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना और उन्हें जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित करना है। पार्टी बूथों के माध्यम से स्थानीय नाराजगी को दूर कर सही मुद्दों को उठाने और समाधान की प्रक्रिया को सक्रिय करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस की यह रणनीति सत्ता में मौजूद भाजपा के लिए चुनौती पेश कर सकती है। भाजपा ने वर्षों से बूथ स्तर पर लगातार काम किया है, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की फील्ड में सक्रियता से उसे मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सकती है। कांग्रेस ने बूथ प्रबंधन को चुनावी सफलता का केंद्र बनाते हुए अपनी रणनीति भाजपा जैसी तैयारियों के अनुरूप विकसित की है। इस तैयारी से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस सत्ता से बाहर रहते हुए संगठन को नया रूप देने और चुनावी जमीन मजबूत करने में जुट गई है।

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