रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने अवैध अफीम की खेती का बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित एक फार्महाउस से लगभग 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर उगाई गई अफीम की फसल जब्त की है। कार्रवाई के दौरान खेत से करीब 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब चार साल से इस फार्महाउस में अफीम की खेती कर रहे थे। पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकर, उसके सहयोगी विकास बिश्नोई और फार्महाउस के मुंशी मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले में दो अन्य आरोपी आंचला राम और श्रवण बिश्नोई फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस की टीम राजस्थान भेजी गई है।
बताया गया कि फार्महाउस की सुरक्षा के लिए बाउंसर्स तैनात किए गए थे और चारों ओर गेट लगाए गए थे, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति अंदर न जा सके। इसी वजह से गांव के लोगों को लंबे समय तक इस अवैध खेती की जानकारी नहीं मिल पाई। फार्महाउस में मजदूरों के रहने के लिए पक्की व्यवस्था भी की गई थी और खेती का काम राजस्थान से बुलाए गए मजदूर संभाल रहे थे।
पुलिस के अनुसार, डिजिटल सर्वे रिकॉर्ड में इस जमीन पर गेहूं और मक्का की खेती दिखाया गया था। उसी की आड़ में बड़े पैमाने पर अफीम उगाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि करीब 10 हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र से लगभग 21 किलो अफीम तैयार हो सकती है। ब्लैक मार्केट में एक किलो अफीम की कीमत करीब 1 से 2 लाख रुपए, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 5 लाख रुपए प्रति किलो तक बताई जाती है।
इस जमीन का रिकॉर्ड मुधमति बाला और प्रीति बाला के नाम पर दर्ज है। पुलिस दोनों महिलाओं से भी पूछताछ करेगी और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा और पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
