आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदन 31 मार्च तक, जरूरतमंद बच्चों को मिलेगी नि:शुल्क शिक्षा

रायपुर। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ के सभी गैर-अनुदान प्राप्त और गैर-अल्पसंख्यक निजी स्कूलों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें दुर्बल और असुविधाग्रस्त परिवारों के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। इस योजना के अंतर्गत पात्र और जरूरतमंद बच्चों को नर्सरी से लेकर कक्षा बारहवीं तक नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके लिए अभिभावक 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट rte.cg.nic.in पर पंजीकरण किया जा सकता है। इस योजना के तहत 3 से 6 वर्ष 6 माह तक के बच्चे किसी भी निजी स्कूल की प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज अभिभावकों को अपलोड करने होंगे।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम भारतीय संसद द्वारा 4 अगस्त 2009 को पारित किया गया था और इसे 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू किया गया। छत्तीसगढ़ में आरटीई की धारा 12(1)(सी) के तहत इस योजना का लाभ शैक्षणिक सत्र 2010-11 से दिया जा रहा है। शुरुआत में इस योजना के तहत कक्षा आठवीं तक ही नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था थी, लेकिन राज्य स्तर पर संशोधन करते हुए वर्ष 2019 से इसकी सीमा बढ़ाकर कक्षा बारहवीं तक कर दी गई है।

राज्य में अब तक लगभग 2.9 लाख से अधिक छात्र इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के बीच सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि समाज में होने वाले भेदभाव को कम किया जा सके और सभी बच्चों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।

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