रायपुर। पोर्टा केबिन हाई स्कूल छात्रावास की छात्राओं के संबंध में हाल ही में प्रसारित खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार पाई गई हैं। इस संवेदनशील मामले पर आज विधानसभा में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने स्पष्टीकरण देते हुए वस्तुस्थिति को सदन के सामने रखा।
शिक्षा विभाग द्वारा कराई गई विस्तृत जांच के बाद यह तथ्य सामने आए हैं कि जिन तीन छात्राओं को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही थी, उनका छात्रावास प्रबंधन से कोई सीधा संबंध नहीं है। मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने सदन में निम्नलिखित बिंदु स्पष्ट किए, कि समाचार में उल्लेखित तीन छात्राओं में से दो छात्राएं स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय, गंगालूर में पढ़ती हैं। ये दोनों छात्राएं कभी भी छात्रावास में नहीं रहीं, बल्कि अपने घर से ही स्कूल आना-जाना करती हैं।
वहीं तीसरी छात्रा पूर्व में पोर्टा केबिन छात्रावास में रहती थी। वह 18 अक्टूबर 2025 को दीपावली अवकाश पर अपने घर गई थी और उसके बाद से वापस नहीं लौटी। 6 नवंबर 2025 को उक्त छात्रा ने स्वयं उपस्थित होकर लिखित आवेदन दिया था कि वह अब घर से ही पढ़ाई जारी रखना चाहती है। तब से वह छात्रावास का हिस्सा नहीं है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्रा को छात्रावास से निष्कासित नहीं किया गया है। सरकार ने छात्राओं और उनके अभिभावकों के बयान भी दर्ज किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि छात्रावास की सुरक्षा या प्रबंधन पर उठाए गए सवाल तथ्यहीन हैं।
