भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर घुसपैठ रोकने के नए उपाय, सांप-मगरमच्छ के इस्तेमाल पर विचार

नई दिल्ली। भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ती घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) अब असामान्य उपायों पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने BSF को दलदली और नदी वाले क्षेत्रों में मगरमच्छ और सांप जैसे सरीसृपों के इस्तेमाल की संभावना पर अध्ययन करने को कहा है।

भारत-बांग्लादेश की करीब 4,096 किमी लंबी सीमा में लगभग 175 किमी हिस्सा ऐसा है, जहां दलदल और नदियों के कारण फेंसिंग करना बेहद कठिन है। यही इलाके घुसपैठ और तस्करी के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। पिछले 10 वर्षों में यहां 7 हजार से अधिक घुसपैठ की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

हालांकि BSF अधिकारियों का कहना है कि यह फिलहाल केवल एक प्रस्ताव है और इसे लागू करने से पहले कई व्यावहारिक और सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर विचार जरूरी है। सीमा के पास बसे गांवों के लोगों के लिए यह कदम जोखिम भरा भी हो सकता है, खासकर बाढ़ के समय जब सरीसृप आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच सकते हैं।

सरकार पहले ही सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। 17 मार्च को 3,326 किमी लंबी फेंसिंग को मंजूरी दी गई थी, जिसमें से करीब 371 किमी हिस्सा अभी बाकी है। जहां फेंसिंग संभव नहीं है, वहां ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की योजना है।

सीमा पर तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल में BSF ने सोना तस्करी के एक मामले में करोड़ों रुपये का सोना बरामद किया था।

ऐसे में साफ है कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नए और अनोखे उपायों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

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