दिल्ली। आंध्र प्रदेश पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (CI) सेल ने भारतीय नौसेना के जवान प्रदीप मुखर्जी को कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आई पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंट के हनीट्रैप में फंस गया था और उसने रक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की। यह 2026 में पाकिस्तानी एजेंट से जुड़े हनीट्रैप का तीसरा मामला बताया जा रहा है।
प्रदीप कोयंबटूर के रेडफील्ड्स स्थित INS अग्रणी में मैनेजमेंट डेवलपमेंट कोर्स कर रहा था। जांच के मुताबिक, कुछ महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए एक महिला ने उससे संपर्क किया। बातचीत के दौरान दोनों की दोस्ती बढ़ी और महिला ने कथित तौर पर उससे विशाखापट्टनम स्थित नेवल बेस से जुड़ी जानकारी हासिल की।
CI टीम ने INS अग्रणी से हिरासत में लिया
काउंटर इंटेलिजेंस की स्पेशल टीम शनिवार सुबह INS अग्रणी पहुंची और प्रदीप को हिरासत में लिया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। इसके बाद उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर ट्रांजिट वारंट लिया गया। शाम को जवान को आगे की पूछताछ के लिए विजयवाड़ा स्थित काउंटर इंटेलिजेंस मुख्यालय ले जाया गया।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रदीप ने कितनी और किस तरह की रक्षा संबंधी जानकारी साझा की। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि जानकारी देने के बदले उसे हवाला, बैंक ट्रांसफर या डिजिटल पेमेंट के जरिए कोई रकम मिली थी या नहीं।
2014 में नौसेना में शामिल हुआ था
प्रदीप वर्ष 2014 में नाविक के तौर पर भारतीय नौसेना में भर्ती हुआ था। वह विशाखापट्टनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड के तहत तैनात था। करीब एक सप्ताह पहले ही वह प्रशिक्षण के लिए INS अग्रणी पहुंचा था।
एक अधिकारी के मुताबिक, जांच में रणनीतिक नौसैनिक संपत्तियों, जहाजों की आवाजाही और ऑपरेशनल व्यवस्था से संबंधित जानकारी साझा किए जाने का संदेह है। संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों सामने आने के बाद CI टीम ने उसकी निगरानी शुरू की थी। एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और महिला एजेंट से उसके संपर्क की जांच कर रही हैं।
