नवा रायपुर मेडिसिटी: मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई इबारत

रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही मेडिसिटी परियोजना छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के नए युग की शुरुआत कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहलों में से एक के रूप में तेजी से आकार ले रही है। 200 एकड़ में बसाई जा रही यह हेल्थ सिटी 5,000 से अधिक बिस्तरों की क्षमता, मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज, रिसर्च सेंटर और मल्टी–स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल हेल्थ हब बनने जा रही है।

नवा रायपुर की रणनीतिक लोकेशन इसे ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, यूपी और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के लिए भी एक प्रमुख स्वास्थ्य गंतव्य बनाती है। एयरपोर्ट, रेल और सड़कों की उत्कृष्ट कनेक्टिविटी तथा जल्द शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मेडिकल टूरिज्म को और बढ़ावा देंगी। ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और किफायती उपचार सेवाएँ मेडिसिटी को पूरी तरह जन–केन्द्रित बनाती हैं।

अत्याधुनिक कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसे सुपर स्पेशियलिटी संस्थान यहां मरीजों के लिए उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराएंगे। श्री सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल और बालको कैंसर हॉस्पिटल जैसी मौजूदा विश्वस्तरीय संस्थाएँ इस नए हेल्थ हब को और मजबूती देती हैं।

मेडिसिटी न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनेगी, बल्कि स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेक्टर में हजारों रोजगार पैदा कर राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति देगी। किफायती आवास, होटल, छात्रावास और व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस क्षेत्र को पूर्ण विकसित मेडिकल इकोनॉमिक ज़ोन में बदल देंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार, मेडिसिटी भारत के विकसित भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी। वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे “सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता” पर आधारित विश्वस्तरीय मॉडल बताया है।

Exit mobile version