National Security – Our National Resolution: ई-चिंतन शिविर में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा और बीजेपी पार्टी की नीति और संबंध में की विस्तृत चर्चा

रायपुर।  (National Security – Our National Resolution) आज पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, झारखंड के ई-चिंतन शिविर में ’’राष्ट्रीय सुरक्षा-हमारा राष्ट्रीय संकल्प’’ विषय के मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित हुये। इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, संगठन महामंत्री धरमपाल, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मराण्डी, प्रदेश महामंत्री दीपक वर्मा एवं आदित्य साहू जी प्रशिक्षण प्रमुख मनोज सिंह एवं सभी प्रदेश प्रभारी, मोर्चा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, सभी जिलाध्यक्ष, सांसदगण एवं विधायकगण भी सम्मिलित हुये।

(National Security – Our National Resolution) पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में भारतीय जनता पार्टी की नीति और विचार के संबंध में विस्तृत चर्चा की, उन्होंने कहा राष्ट्रीय सुरक्षा भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का अभिन्न अंग रहा है, इसका अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि जनसंघ ने 1966 में ही एक प्रस्ताव पारित करके कहा कि भारत को परमाणु शक्ति बनना चाहिये, (National Security – Our National Resolution) जब अटल जी प्रधानमंत्री बने तब 1998 में भारत ने परमाणु विस्फोट करके दुनिया की एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति होने का दर्जा प्राप्त किया। जब वर्ष 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी हो रही थी तो भाजपा में अपने घोषणा पत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और प्राथमिकता को विस्तृत तरीके से देश के सामने रखा था जिसमें चार बाते प्रमुख थी, पहला भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सम्प्रभुता को मिलने वाली हर चुनौती और खतरे से देश को सक्षम बनाना।

दूसरा देश के भीतर एक ऐसा सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना जिसमें भारत की प्रगति का मार्ग अवरूद्ध न हो, तीसरा यदि भारत के हितों को चुनौती मिलती है तो राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये, सीमाओं के आगे जाने में भी हम संकोच नहीं करेंगे, चौथा मित्र देशों के साथ मिलकर एक ऐसा वातावरण तैयार किया, जिसके चलते आतंकवाद एवं अन्य वैश्विक खतरे से निपटने के लिये आज अनेक देश कंधे से कंधे मिलाकर काम कर रहे हैं, ये चार बिंदु हमारी सरकार के लिये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये ’’नीति निर्देशक तत्व’’ हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व में किसी भी हाल में भारत की सीमा, उसके सम्मान और स्वाभिमान से समझौता नहीं किया जायेगा। सीमाओं की पवित्रता कतई भंग नहीं होगी। एक समय था जब नार्थ ईस्ट का पूरा इलाका उग्रवाद की चपेट में था, पिछले सात सालों में नार्थ ईस्ट में शांति का एक नया दौर आया है, बड़े संख्या में उग्रवादी मारे गए हैं या मुख्यधारा में शामिल हो गए। आज पूर्वोत्तर के राज्यों में जाए तो पूरी तस्वीर बदली हुई मिलेगी। 2014 में जब मोदी सरकार बनी थी तो देश के करीब 160 जिलें नक्सलवाद की समस्या से जूझ रहे थे जबकि 2021 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या घटकर लगभग 70 के आसपास रह गई है। आंतरिक सुरक्षा से जुड़े इस संकट के खिलाफ माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में बड़े प्रभावी ढंग से नक्सलवाद के खिलाफ कार्यवाही चल रही हैं।

इसी तरह डॉ. रमन सिंह जी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडे़ अन्य मुद्दे पर झारखण्ड राज्य के प्रदेश पदाधिकारियों के समक्ष भारतीय जनता पार्टी के विचार रखें।

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