बगदाद/रियाद। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण संघर्ष अब अमेरिकी ठिकानों को सीधे निशाने पर ले रहा है।
शनिवार सुबह इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल से हमला किया गया। इराकी अधिकारियों के अनुसार, हमला दूतावास परिसर के भीतर स्थित हेलिपैड पर हुआ। यह हमला उस वक्त हुआ है जब मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है।
सऊदी अरब में US एयरफोर्स को भारी चपत
सिर्फ इराक ही नहीं, सऊदी अरब में भी अमेरिकी वायुसेना को बड़ा नुकसान हुआ है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक:
विमान तबाह: सऊदी के एक एयरबेस पर खड़े अमेरिकी एयरफोर्स के 5 रिफ्यूलिंग (ईंधन भरने वाले) टैंकर विमान पूरी तरह तबाह हो गए।
ईरानी हमला: इन विमानों को ईरान द्वारा किए गए हमले में नुकसान पहुंचने का दावा किया जा रहा है, हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अभी इस पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है।
इराक में क्रैश: कल ही इराक में अमेरिका का एक केसी-135 विमान क्रैश हुआ था, जिसमें 6 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी। जंग शुरू होने से अब तक 11 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है।
खार्ग आइलैंड पर बरपा कहर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को ईरान के सबसे महत्वपूर्ण खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर हमले का फुटेज जारी किया।
रणनीतिक चोट: ईरान का करीब 90% कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है। अमेरिका का दावा है कि उसने यहां के सैन्य अड्डों और एयरपोर्ट कंट्रोल टावर को मटियामेट कर दिया है।
ईरान का इनकार: वहीं, ईरान की सरकारी एजेंसी फार्स का कहना है कि धमाके जरूर हुए हैं, लेकिन तेल के इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
जंग का वैश्विक असर: ट्रैवल और तेल
इस महाजंग का असर अब पूरी दुनिया की जेब पर दिख रहा है:
टूरिज्म को झटका: ‘वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल’ के मुताबिक, इस संघर्ष के कारण वैश्विक टूरिज्म सेक्टर को रोजाना ₹5,500 करोड़ का घाटा हो रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट का संकट: समुद्री रास्ते बंद होने के डर से भारत समेत कई देशों में गैस और तेल की किल्लत बढ़ गई है। हालांकि, भारत का LPG जहाज ‘शिवालिक’ सुरक्षित निकल गया है।
