भोपाल। मध्य प्रदेश के आगरमालवा जिले में नर्सरी की आड़ में चल रही एक बड़ी एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का नारकोटिक्स विभाग ने खुलासा किया है। शनिवार तड़के आमला क्षेत्र स्थित तीर्थ नर्सरी पर छापा मारकर टीम ने 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की। जब्त मादक पदार्थ की कीमत घरेलू बाजार में करीब 10 करोड़ रुपए, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। यह कार्रवाई उज्जैन समेत कई जिलों से पहुंची नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने की।
नारकोटिक्स विभाग को सूचना मिली थी कि नर्सरी परिसर से एमडी ड्रग्स की एक बड़ी खेप बाहर भेजी जाने वाली है। इसी आधार पर शनिवार सुबह करीब 4 बजे नर्सरी और उससे जुड़े फार्म हाउस की घेराबंदी की गई। टीम ने सुबह 4:30 बजे परिसर में प्रवेश किया और करीब 10 बजे तक तस्करों का इंतजार किया, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया।
तलाशी के दौरान नर्सरी के भीतर एक गुप्त लैब संचालित होती मिली, जहां एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था। मौके से 31.250 किलो तैयार एमडी ड्रग्स के अलावा लगभग 600 किलो केमिकल, ड्रग्स बनाने की मशीनें और अन्य तकनीकी उपकरण जब्त किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, यह लैब पूरी तरह सीक्रेट तरीके से संचालित की जा रही थी।
नारकोटिक्स उज्जैन क्षेत्र के अधीक्षक मुकेश खत्री ने बताया कि यह फार्म हाउस और आसपास की करीब 180 बीघा जमीन कालूराम रातड़िया और उनकी दोनों पत्नियों के नाम पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। प्रारंभिक जांच में इंदौर कनेक्शन सामने आया है। कुछ जमीन और फार्म हाउस इंदौर के लोगों को बेचे जाने की जानकारी भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।
फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विभाग ने प्रथम दृष्टया मैनेजर सिद्धनाथ, धारा सिंह और प्रहलाद सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है। ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और जमीन से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। जांच आगे बढ़ने पर और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
