दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में भारत निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को पक्षकार बनाया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी की ओर से यह याचिका 28 जनवरी को दाखिल की गई थी। याचिका में SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए हस्तक्षेप की मांग की गई है।
इधर, ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंच चुकी हैं। वे सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करेंगी। इस दौरान ममता SIR के तहत चल रही मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर अपनी आपत्तियां सामने रखेंगी।
टीएमसी नेताओं का कहना है कि SIR के नाम पर मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे आम मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। वहीं निर्वाचन आयोग का दावा है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और सही मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
ममता बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट याचिका और चुनाव आयुक्त से मुलाकात को 2026 के चुनावी माहौल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी है।
