महासमुंद में नक्सलियों का बड़ा सरेंडर: 9 महिलाओं समेत 15 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का साथ; सीएम साय ने सोशल मीडिया में किया पोस्ट

73 लाख के इनामी थे नक्सली

महासमुंद। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सुरक्षा बलों को आज एक बड़ी सफलता मिली है। महासमुंद जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय 15 सशस्त्र माओवादियों ने हिंसा का रास्ता त्याग कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। लोकतंत्र पर अटूट विश्वास जताते हुए इन नक्सलियों ने सुशासन और शांतिपूर्ण जीवन की राह चुनी है।

आत्मसमर्पण करने वाले इस जत्थे में 9 महिला माओवादी और 6 पुरुष माओवादी शामिल हैं। इन सभी पर शासन द्वारा कुल 73 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। समर्पण के दौरान नक्सलियों ने अपने अत्याधुनिक हथियार भी पुलिस को सौंपे। यह सरेंडर इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि अब नक्सल संगठन की खोखली विचारधारा से भटके हुए युवाओं का मोहभंग हो रहा है।

सुशासन और विकास पर बढ़ा भरोसा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री मित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन, सुरक्षा और विकास की पहुंच अब उन क्षेत्रों तक हो रही है, जो कभी भय का गढ़ थे।

पुनर्वास नीति का मिलेगा लाभ

आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने अन्य नक्सलियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों। प्रदेश सरकार का अटल संकल्प है कि छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, विकसित और सुरक्षित बनाया जाए।

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