मिडिल ईस्ट जंग के बीच बड़ी राहत: 345 भारतीय मछुआरे सकुशल चेन्नई पहुंचे, जयशंकर ने जताया आभार

चेन्नई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के बीच फंसे भारतीयों की वापसी का सिलसिला जारी है। शनिवार शाम चेन्नई एयरपोर्ट पर भावुक पल देखने को मिले, जब 345 भारतीय मछुआरे सुरक्षित स्वदेश लौटे। ये सभी ईरान में फंसे हुए थे और लंबे समय से मदद की गुहार लगा रहे थे।
सरकार ने विशेष बचाव अभियान के तहत इन मछुआरों को आर्मेनिया के रास्ते भारत पहुंचाया। सीधे हवाई मार्ग बंद होने के कारण इन्हें पहले जमीनी रास्ते से आर्मेनिया ले जाया गया, जहां से फ्लाइट के जरिए चेन्नई लाया गया। जानकारी के अनुसार, पिछले एक महीने में 1,150 से ज्यादा भारतीय नागरिक इस रूट से सुरक्षित निकाले जा चुके हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस सफल ऑपरेशन के लिए आर्मेनिया सरकार और अपने समकक्ष अरारत मिर्जोयान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में सहयोग के लिए भारत आभारी है।
तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, गुजरात और ओडिशा के इन मछुआरों ने करीब 20 घंटे का लंबा सफर तय किया। चेन्नई पहुंचने पर उनके स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए। उन्हें भोजन, कपड़े और घर तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे अभियान में करीब 3.25 करोड़ रुपए का खर्च आया। केंद्र सरकार के समन्वय से यह राहत कार्य तेजी से पूरा किया गया। पीयूष गोयल ने इसे प्रधानमंत्री की पहल का परिणाम बताया।
इस बीच विदेश मंत्रालय अबू धाबी में हुए हालिया मिसाइल हमले पर भी नजर बनाए हुए है, जिसमें कुछ भारतीय नागरिक घायल हुए थे। सरकार ने आश्वासन दिया है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्वदेश लौटे मछुआरों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि युद्ध के बीच वे बेहद डरे हुए थे और अब सुरक्षित लौटकर खुद को भाग्यशाली मानते हैं।



