दिल्ली। उत्तर भारत इस समय भीषण ठंड, शीतलहर और घने कोहरे की गिरफ्त में है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों में भी साफ दिखने लगा है। सोमवार सुबह मध्य प्रदेश में इस सीजन का अब तक का सबसे घना कोहरा छाया रहा, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
राजधानी भोपाल में विजिबिलिटी घटकर 20 मीटर से भी कम रह गई। सड़कों पर दिन में भी वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए प्रदेश के 18 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, जबकि भोपाल और धार में स्कूलों की टाइमिंग बदलकर सुबह 9.30 बजे से कर दी गई है। कोहरे के कारण कई फ्लाइट और ट्रेनें भी देरी से चलीं।
राजस्थान में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हिल स्टेशन माउंट आबू में लगातार तीसरे दिन न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के सात शहरों में रात का पारा 5 डिग्री से नीचे चला गया, जबकि कोटा और बारां जैसे इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान भी 14 डिग्री से नीचे रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में अभी एक सप्ताह तक कड़ाके की सर्दी जारी रह सकती है।
उत्तर प्रदेश में भी हालात पहाड़ों जैसे बने हुए हैं। झांसी, गोरखपुर समेत 50 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा छाया रहा और कई जगह विजिबिलिटी 10 मीटर तक सिमट गई। लखनऊ, भदोही, बलिया, संभल और गाजीपुर समेत 10 शहरों में बादल छाए हुए हैं। 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने लोगों की कंपकंपी बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार 6 जनवरी को मैदानी राज्यों में बारिश हो सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी, जबकि 7 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में अगले दो दिन देश के बड़े हिस्से में सर्दी की मार और तेज रहने के आसार हैं।
